Monday, February 6, 2023
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Diwali Essay in Hindi – दिवाली पर निबंध हिंदी में

Diwali Essay in Hindi : Diwali भारत देश का सबसे बड़ा Festival है और इसे केवल India में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई Country में बढ़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। Deepawali का Festival पांच दिनों तक चलता है। हर घर में Dussehra के बाद से ही Diwali की तैयारियां जोर शोर से शुरू हो जाती है। Deepawali दो शब्दों से मिलकर बना है “दीप” और “आवली” और ये दोनों संस्कृत भाषा के शब्द हैं। इनका हिंदी में मतलब होता है दीपों की श्रृंखला। यह पर्व विशेष कर भारत और भारत के पड़ोसी देश नेपाल में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है।

इसके अतिरिक्त अन्य देशों में जहाँ जहां हिंदू निवास करते हैं वहां पर भी यह विधि पूर्वक और पुरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। आज हम आपको Diwali के बारे में संपूर्ण जानकारी (दिवाली पर निबंध हिंदी में – Diwali Essay in Hindi) इस पोस्ट के माध्यम से देंगे। Diwali के निबंध (Diwali Essay in Hindi) और Diwali की सम्पूर्ण जानकारी पाने के लिए आप हमरे इस लेख को आखिर तक जरूर पढ़े।

प्रस्तावना – Preface (Diwali Essay in Hindi)

हिन्दुओं के वैसे तो प्रमुख त्योहार होली, रक्षाबंधन, दशहरा और दीपावली हैं लेकिन इनमे से दिवाली बहुत ही खास है। दिवाली के त्यौहार पर बच्चे, बड़े, बुढ्ढे सब लोग पुरे उत्साह से खुशियां मानते है। स्कूलों में बच्चे दिवाली पर निबंध लिखते हैं। इस त्यौहार पर सभी लोग अपने पुरे परिवार से मिलते है और साथ में खुशियां बांटते हैं। दिवाली का त्यौहार साल में एक बार आता है जो कि अक्टूबर या नवम्बर महीने में होता है। दीवाली आते ही लोग अपने घर की साफ सफाई के साथ सजावट करते हैं। साथ में नए कपड़े पहनते है, खूब दबाकर मिठाई खाते हैं, दीये जलाये जाते हैं तथा पटाखे जलाते हैं। दिवाली के दिन लक्ष्मी-गणेश भगवान की पूजा की जाती है।

दीपावली का अर्थ – Meaning of Diwali (Diwali Essay in Hindi)

‘तमसो मा ज्योतिर्गमय:’ अर्थात अंधकार से प्रकाश में ले जाने वाला पर्व है – ‘दीपावली’। Deepawali मर्यादा, सत्य, कर्म और सदभावना का Massage देता है। हर किसी को Deepawali Word से ही मालूम हो जायेगा की यह दीपों का त्यौहार। जैसा की हमने ऊपर बताया था Deepawali Word की उत्पत्ति संस्कृत के दो शब्दों ‘दीप’ अर्थात ‘दिया’ व ‘आवली’ अर्थात ‘लाइन’ या ‘श्रृंखला’ के मिश्रण से हुई है। कुछ लोग Deepawali को “Diwali” तो कुछ लोग “Deewali” भी कहते हैं। आपको बता दें की प्रत्येक शुद्ध शब्द का प्रयोग उसके अर्थ पर ही निर्भर करता है। यहां शुद्ध शब्द “Deepawali” है , जो ‘दीप'(दीपक) और ‘आवली'(पंक्ति) से मिलकर बना है। जिसका अर्थ ‘दीपों की पंक्ति’ होता है।

दीपावली कब मनाई जाती है – When is Diwali celebrated?

Diwali Festival हर साल कार्तिक महीने की अमावस्या के दिन मनाई जाती है। दीपों का यह त्यौहार Deepawali पांच दिनों का होता है। सबसे प्रमुख तीसरा दिन होता है लेकिन यह त्यौहार शुरू धनतेरस (Dhanteras) से होता है और फिर भैया दूज (Bhaiya Dooj) तक चलता है। Deepawali Festival अंग्रेजी कलैंडर के हिसाब से अक्टूबर या नवम्बर महीने में आता है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवन गणेश जी की पूजा की जाती है।

दीपावली का इतिहास – History of Diwali (Diwali Essay in Hindi)

हिन्दू धर्म के अनुसार Diwali Festival मनाने के पीछे कई कारण है लेकिन सबसे प्रमुख है भगवान श्री राम से जुड़ा प्रसंग। दिवाली के दिन ही भगवान श्रीराम 14 वर्षों के वनवास को पूरा करके और लंका में रावण पर विजय प्राप्त करके अपनी पत्नी सीता, भाई लक्ष्मण और श्री हनुमान के साथ अयोध्या लौटे थे। उस समय अमावस्या की रात होने के कारण घना अँधेरा था। इस वजह से उस दिन पूरी अयोध्या (Ayodhya) नगरी को दीपों और फूलों से सजाया गया था ताकि भगवान राम (Lord Rama) के आने में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। तब से लेकर आज तक इस दिन को दीपों का त्योहार और अंधेरे पर प्रकाश की जीत के रूप में मनाया जाता है।

दीपावली के साथ मनाए जाने वाले उत्सव – Festivals celebrated along with Deepawali

दिवाली के त्यौहार के साथ 4 और भी प्रमुख त्यौहार मनाये जाते हैं। जिनमे धनतेरस, नरक चतुर्दशी जिसे रूप चौदस और काली चौदस कहते हैं, अन्नकूट या गोवर्धन पूजा और भाई दूज या जिसे यम द्वितीया भी कहते हैं।

दीपावली का महत्त्व – Importance of Diwali (Diwali Essay in Hindi)

Deepawali हिन्दू समाज में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्यौहार है। Deepawali को मनाने का उद्देश्य Indian culture के उस प्राचीन सत्य का आदर करना है, जिसकी महक से आज भी लाखों लोग अपने जीवन को सुवासित कर रहे हैं । पुराणों के अनुसार, त्रेतायुग में जब भगवान श्रीराम (Lord Rama) रावण का वध कर और लंका पर विजय प्राप्त कर वापस अपने भाई लक्ष्मण, अपनी भार्या सीता और हनुमान जी के साथ अयोध्या लौटे थे तब वहां के लगों ने उनका स्वागत दीप जलाकर किया था।

इसी स्वागत को हर वर्ष लोग Diwali Festival के रूप में मनाते हैं। दिवाली के दिन हर घर में भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाती है। दिवाली के दिन घर के मुख्य द्वार पर सुन्दर रंगोली बनाई जाती है। पूरे घर को दीपों से सजाकर मां लक्ष्मी के आगमन का स्वागत किया जाता है। भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा के बाद खील और बतासे का प्रसाद बांटकर एक दूसरे को Diwali की शुभकामनाएं दी जाती हैं। मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से मां लक्ष्मी घर में वास करती हैं और इससे व्यक्ति के घर में धन की कोई कमी नहीं रहती।

दीपावली के त्यौहार के लाभ और हानियाँ – Advantages and disadvantages of Diwali festival

Diwali मात्र एक त्यौहार ही नहीं अपितु इससे अनेक लाभ भी हैं। घर और मोहल्लों की सफाई के साथ साथ वातावरण की शुद्धि, आपसि सद्भावना का विकास तथा नए कार्य व नए योजनाओं का आरंभ करने की प्रेरणा मिलती है। Diwali हमें अंधेरे से लड़ने की प्रेरणा भी देती है।

मनुष्य एक ऐसा प्राणी है, जो अपने आंतरिक विचार एवं अज्ञानतापूर्ण व्यवहारों (Inner thoughts and ignorant behavior) के द्वारा किसी लाभप्रद रीति-रिवाजों को भी हानिकारक बना देता है। Diwali के दिन जुआ खेलने व शराब पीने से विनाश को आमंत्रित करने वाले लोग आज भी हैं। ऐसे लोगों के लिए दिवाली का त्यौहार लाभ के बदले हानि को आमंत्रित करता है। इसके साथ ही देश में पटाखों (Firecrackers) के रूप में अरबों रुपए का बारूद फूंक दिया जाता हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था बहुत जायदा प्रभावित होती है। बारूद के इस धुएं से वातावरण भी प्रदूषित होता है। अनेक लोग पटाखों (Firecrackers) के कारण होने वाली दुर्घटना से अपने जीवन को नर्क बना लेते हैं।

दीपावली को अलग तरीके से मनाने के सुझाव – Tips to celebrate Diwali differently

हमें हमेशा प्रदूषण मुक्त दीपावली (Pollution free Deepawali in Hindi) मनानी चाहिए। हमें दीपावली के समय ज्यादा से ज्यादा दिया जलाकर ही दीपावली का आनंद लेना चाहिए ना की पटाखे (Firecrackers) फोड़ कर। Deepawali के समय पटाखों (Firecrackers) के कारण कई प्रकार के हादसे होते हैं। साथ में वातावरण दूषित होता है। हम केवल दीया जलाकर भी दीपावली मना सकते है। इको फ्रेंडली दीपावली (Pollution free Deepawali in Hindi) मना कर ही हम हमारे वातावरण को सुरक्षित भी रख सकते है।

विदेशों में दीवाली का त्यौहार – Diwali festival in abroad

  • Diwali festival सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के कई देशों में मनाया जाता है।
  • हालांकि उनका तरीका कुछ अलग होता है।

नेपाल – Nepal :

  • भारत के पड़ोसी देश नेपाल में दीपावली को ‘तिहाड़’ के रूप में मनाया जाता है।
  • दीपावली के दिन जापान में लोग अपने बगीचों में पेड़ों पर लालटेन और कागज से बने पर्दे लटकाते हैं।
  • इसके बाद उसे आसमान में छोड़ देते हैं।
  • इस दिन लोग नाच-गाना भी करते हैं।
  • इसके अलावा बोटिंग का भी आनंद लेते हैं।

म्यांमार – Myanmar :

  • भारत की पूर्वी सीमा पर स्थित देश म्यांमार में भी लोग दीपावली बड़े धूमधाम से मनाते हैं
  • क्योंकि यहां भारतीयों की संख्या ज्यादा है।

इंडोनेशिया – Indonesia :

  • इंडोनेशिया देश में भी भारतीयों की संख्या ज्यादा होने के कारण यहां लोग दीपावली का त्योहार मनाते हैं।

मॉरीशस – Mauritius :

  • मॉरीशस में 63 फीसदी भारतीय और 80 फीसदी हिंदू रहते हैं।
  • यही वजह है कि यहां भी दीपावली का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।

सिंगापुर – Singapore :

  • सिंगापुर में एक जगह है, जिसे ‘लिटिल इंडिया’ के नाम से जाना जाता है।
  • दीपावली के दिन यहां की सड़कें रोशनी से नहायी हुई रहती हैं।

मलेशिया  – Malaysia :

  • मलेशिया यहां भी लोग दीपावली का त्योहार मनाते हैं
  • जिसे ‘हरि दिवाली’ के नाम से जाना जाता है।

श्रीलंका – Sri Lanka :

  • यहां भी दीपावली मनाई जाती है।
  • इस मौके पर लोग यहां अपने घरों को चीनी मिट्टी के दीयों से सजाते हैं।

थाईलैंड – Thailand :

  • इस देश में दीपावली का त्योहार बिल्कुल अलग तरीके से मनाया जाता है।
  • इस मौके पर लोग केले के पत्तों के दीये बनाते हैं
  • और उनमें सिक्के रख कर उस पर मोमबत्ती रख कर जलाते हैं।
  • यहां दीपावली को ‘लम क्रियओंघ’ के नाम से जाना जाता है।

 

 

 

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