Tuesday, January 31, 2023
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Prithvi-⁠2: भारत ने परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पृथ्वी-⁠2 की तैनात | अब चाइना की खैर नहीं

Prithvi-⁠2: भारत ने कम दूरी की परमाणु बैलेस्टिक मिसाइल पृथ्वी-⁠2 का सफल परीक्षण किया। इसकी टेस्टिंग जानबूझकर रात में की गई जिसमें सटीकता और मारक क्षमता की जांच की जा सके। यूजर ट्रेनिंग लांच था और साथ ही कमांड में आए नए अधिकारियों को मिसाइल लॉन्चिंग की ट्रेनिंग दी गई। साथ ही मिसाइल के क्षमताओं की जांच की गई।

पृथ्वी-⁠2 (Prithvi-⁠2) मिसाइल की विशेषता।

पृथ्वी-⁠2 मिसाइल की मारक रेंज 350 किलोमीटर है। यह सिंगल स्टेज लिक्विड फ्यूल मिसाइल है। इसके ऊपरी हिस्से पर 500 से 1000 किलोग्राम के पारंपरिक या परमाणु हथियार लगा सकते हैं। यह दुश्मन के एंट्री बैलेस्टिक मिसाइल टेक्नोलॉजी को धोखा देने में सक्षम है। साल 2009 से अब तक चौथी बार इसका नाईट ट्रायल किया गया है। हर बार इस ने सफलतापूर्वक टारगेट को ध्वस्त किया है। यह 7 तरह के हथियारों से लैस हो सकती है जिसमें पारंपरिक से लेकर परमाणु तक शामिल है।

Prithvi-⁠2: India deploys nuclear ballistic missile Prithvi-⁠2. Now China is not well
Prithvi-⁠2: India deploys nuclear ballistic missile Prithvi-⁠2. Now China is not well

पृथ्वी-⁠2 मिसाइल (Prithvi-⁠2) भारत के सभी मिसाइलों में सबसे छोटी और हल्के मिसाइल है। इसका वजन 4600 किलोग्राम है। लंबाई करीब 8.5 मीटर और व्यास 110 सेंटीमीटर। पृथ्वी-⁠2 मिसाइल में हाई एक्सप्लोसिव पेनिट्रेशन कलस्टर म्यूनेशन फ्रेगमेंटेशन धर्मो, बैरी का केमिकल वेपन और टेक्निकल न्यूक्लियर वेपन लगा सकते हैं। पृथ्वी-⁠2 मिसाइल स्टेप डाउन एंड नेविगेशन सिस्टम पर काम करता है। सटीकता में 10 मीटर सर्कुलर एरर पॉसिबिलिटी है। इसे लॉन्च करने के लिए आठवें ट्रांसपोर्ट इरेक्ट लांचर की मदद ली जाती है। पृथ्वी-⁠2 मिसाइल का असली नाम एसएफ 250 है। इसे भारतीय सेना के लिए बनाया गया था।

सबसे बड़ी बात तो यह है कि पृथ्वी-⁠2 मिसाइल को बेस बनाकर डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने पहली मिसाइल पृथ्वी एयर डिफेंस जाने की बैलेस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर का कांसेप्ट बनाया और इसे भी साकार किया। अब पहले मिसाइल को भी चीन सीमा पर तैनात करने की हरी झंडी मिल गई है।

पृथ्वी-⁠2 मिसाइल एक ऐसी मिसाइल है जो कि 6174 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से वायुमंडल के बाहर जाकर दुश्मन की मिसाइल को ध्वस्त कर सकते हैं। अंतरिक्ष में दुश्मन के सेटेलाइट को मार गिराने के लिए मार्च 2019 में किया गया मिशन शक्ति भी पृथ्वी मिसाइल की तकनीक पर ही बना है। एंटी सैटलाइट मिसाइल पृथ्वी मिसाइल का ही अपडेटेड वर्जन था, जिसने अंतरिक्ष में एक पुराने निष्क्रिय सैटेलाइट को ध्वस्त किया था। पृथ्वी-⁠2 में जमीन से लेकर अंतरिक्ष तक कहीं भी दुश्मन को ध्वस्त करने की छमता है।

पृथ्वी-⁠2 मिसाइल भारत के प्रथम सायला का हिस्सा है जिसमें प्रतिबंध पृथ्वी-⁠2, पृथ्वी तीन और धनुष शामिल है। बता दें कि चीन और पाकिस्तान की सीमा पर जारी गतिरोध के बीच भारत लगातार अपने मिसाइल क्षमता मजबूत कर रहा है।

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